योगेन्द्र यादव द्वारा सुंदरता से षड्यंत्र उजागर किया गया 👌 पाखंडियों का अतिवाद हेतु उपयुक्त विडियो। उत्तर भारत के हिन्दी भाषी ओबीसी वर्ग के लोगों को गंभीरता पूर्वक सुनना होगा कि उनकी भागीदारी के बिना ही वर्षों से पाखंड एवं आडम्बर के षड्यंत्र रच अयोग्य लोग उनपर शासन कर रहे हैं।
चित्रा ने योगेंद्र जी को “योगेंद्र यादव” कहा तो योंगेंद्र जी ने चित्रा को “चित्रा त्रिपाठी” बोल दिया। सिंपल। इसमें अपमान की कौन सी बात है? लेकिन ये सच है कि सात दशक के लोकतंत्र में भारत बदल गया है। जो सरनेम कभी देव और वेद प्रदत्त सम्मान के सूचक थे, भूदेव माने जाते थे वह सरनेम बोलने पर पब्लिक नाराज़ हो जाती है योगेन्द्र यादव द्वारा सुंदरता से षड्यंत्र उजागर किया गया पाखंडियों का अतिवाद हेतु उपयुक्त विडियो। उत्तर भारत के हिन्दी भाषी ओबीसी वर्ग के लोगों को गंभीरता पूर्वक सुनना होगा कि उनकी भागीदारी के बिना ही वर्षों से पाखंड एवं आडम्बर के षड्यंत्र रच अयोग्य लोग उनपर शासन कर रहे हैं।
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